यूपी बोर्ड इंटर में पहली बार इंप्रूवमेंट परीक्षा, कम नंबर वाले छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) के इंटरमीडिएट छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। अब पहली बार इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को कम अंक आने की स्थिति में इंप्रूवमेंट परीक्षा देने का मौका मिल सकता है। इस नई व्यवस्था के तहत छात्र अपने पांच विषयों में से किसी एक विषय में अंक सुधारने के लिए दोबारा परीक्षा दे सकेंगे।

यूपी बोर्ड ने इस प्रस्ताव को शासन के पास भेजा था, जिसे सैद्धांतिक रूप से मंजूरी मिल चुकी है। यदि अंतिम स्वीकृति मिल जाती है तो यह व्यवस्था इसी साल से लागू हो सकती है। बोर्ड के मुताबिक इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों से इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए आवेदन लिए जाएंगे।

यूपी बोर्ड इंटर में पहली बार इंप्रूवमेंट परीक्षा, कम नंबर वाले छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका

क्यों जरूरी थी इंप्रूवमेंट परीक्षा की व्यवस्था

अब तक यूपी बोर्ड में इंटरमीडिएट स्तर पर इंप्रूवमेंट परीक्षा की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। कई बार छात्र किसी कारण से परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते थे। बीमारी, पारिवारिक समस्या, मानसिक दबाव या अन्य परिस्थितियों के कारण कई छात्र किसी विषय में पास तो हो जाते थे, लेकिन उनके अंक अपेक्षा से काफी कम रह जाते थे।

कम अंक आने का असर आगे की पढ़ाई और करियर पर पड़ सकता है। कई विश्वविद्यालय और प्रतियोगी परीक्षाओं में मेरिट के आधार पर चयन होता है, जहां एक-दो विषयों के कम अंक भी छात्र के अवसरों को प्रभावित कर सकते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यूपी बोर्ड ने इंटरमीडिएट छात्रों के लिए इंप्रूवमेंट परीक्षा शुरू करने की पहल की है।

सिर्फ एक विषय में मिलेगा अंक सुधारने का मौका

नई व्यवस्था के अनुसार इंटरमीडिएट के छात्र अपने पांच विषयों में से किसी एक विषय में इंप्रूवमेंट परीक्षा दे सकेंगे। इसका मतलब यह है कि यदि किसी छात्र को किसी एक विषय में अपेक्षा से कम अंक मिले हैं, तो वह उसी विषय में दोबारा परीक्षा देकर अपने अंक सुधार सकता है।

इससे छात्रों को पूरे वर्ष दोबारा सभी विषयों की परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह व्यवस्था छात्रों के लिए समय और मेहनत दोनों की बचत करेगी और उन्हें बेहतर अंक प्राप्त करने का एक अतिरिक्त अवसर देगी।

अन्य बोर्ड में पहले से लागू है यह व्यवस्था

देश के कई बड़े शिक्षा बोर्ड पहले से ही इंप्रूवमेंट परीक्षा की सुविधा दे रहे हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) में यह व्यवस्था लंबे समय से लागू है। इन बोर्ड में छात्र दो विषयों तक में इंप्रूवमेंट परीक्षा दे सकते हैं।

यूपी बोर्ड में अब तक यह सुविधा केवल हाईस्कूल स्तर पर उपलब्ध थी, जबकि इंटरमीडिएट के छात्रों को यह अवसर नहीं मिलता था। ऐसे में अब इंटर के छात्रों के लिए भी यह सुविधा शुरू होना एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

पहले क्या थी व्यवस्था

यूपी बोर्ड ने वर्ष 2020 से इंटरमीडिएट स्तर पर कम्पार्टमेंट परीक्षा की व्यवस्था लागू की थी। इसके तहत यदि कोई छात्र एक विषय में फेल हो जाता है तो वह कम्पार्टमेंट परीक्षा देकर उस विषय में पास हो सकता है।

इससे पहले की व्यवस्था में यदि इंटरमीडिएट का कोई छात्र एक विषय में भी फेल हो जाता था तो उसे सभी पांच विषयों की परीक्षा दोबारा देनी पड़ती थी। कम्पार्टमेंट परीक्षा लागू होने के बाद छात्रों को काफी राहत मिली थी। अब इंप्रूवमेंट परीक्षा शुरू होने से उन छात्रों को फायदा मिलेगा जो पास तो हो जाते हैं लेकिन अपने अंक बेहतर करना चाहते हैं।

कब और कैसे कर सकेंगे आवेदन

यदि शासन की अंतिम मंजूरी मिल जाती है तो इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आमतौर पर यूपी बोर्ड का रिजल्ट अप्रैल के अंत तक जारी किया जाता है, इसलिए अनुमान है कि उसी समय या उसके बाद इंप्रूवमेंट परीक्षा के आवेदन लिए जा सकते हैं।

छात्रों को आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा तिथि और अन्य दिशा-निर्देशों की जानकारी यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर बोर्ड की वेबसाइट पर अपडेट चेक करते रहें।

छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला

इंटरमीडिएट परीक्षा के अंक उच्च शिक्षा और करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। कई कॉलेज और विश्वविद्यालय में एडमिशन के लिए बोर्ड परीक्षा के अंक ही मुख्य आधार होते हैं। ऐसे में यदि किसी छात्र के अंक कम रह जाते हैं तो उसका असर भविष्य के अवसरों पर पड़ सकता है।

इंप्रूवमेंट परीक्षा की सुविधा मिलने से छात्रों को अपनी गलती सुधारने का दूसरा मौका मिलेगा। इससे छात्रों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और वे बेहतर तैयारी के साथ दोबारा परीक्षा देकर अपने अंक सुधार सकेंगे।