FD Interest Rate 2026: फिक्स्ड डिपॉजिट पर 9.35% तक ब्याज, जानिए कौन से बैंक दे रहे हैं सबसे ज्यादा रिटर्न

भारत में सुरक्षित निवेश के विकल्पों की बात की जाए तो फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD आज भी सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक माना जाता है। खासकर उन निवेशकों के लिए जो बिना जोखिम के स्थिर रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए FD एक लोकप्रिय निवेश साधन है। हाल के समय में कई बैंक और वित्तीय संस्थान आकर्षक ब्याज दरें दे रहे हैं। कुछ संस्थानों में यह ब्याज दर 9 प्रतिशत से भी ज्यादा तक पहुंच रही है।

यदि आप भी अपनी बचत को सुरक्षित रखते हुए बेहतर रिटर्न पाना चाहते हैं, तो निवेश से पहले यह जानना जरूरी है कि किन बैंक या संस्थानों में सबसे ज्यादा FD Interest Rate मिल रहा है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

FD Interest Rate 2026: फिक्स्ड डिपॉजिट पर 9.35% तक ब्याज, जानिए कौन से बैंक दे रहे हैं सबसे ज्यादा रिटर्न

NBFC में मिल सकता है 9.35% तक का ब्याज

इस समय कुछ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां यानी NBFC फिक्स्ड डिपॉजिट पर काफी आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रही हैं। कई संस्थानों में तीन साल यानी लगभग 36 महीने की अवधि वाली FD पर सामान्य निवेशकों को करीब 9.10 प्रतिशत तक का वार्षिक ब्याज मिल सकता है।

वहीं अगर वरिष्ठ नागरिकों की बात करें तो उनके लिए यह दर और अधिक हो सकती है। कुछ NBFC में सीनियर सिटीज़न के लिए ब्याज दर लगभग 9.35 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। यही वजह है कि ज्यादा रिटर्न चाहने वाले कई निवेशक अब बैंकों के साथ-साथ NBFC में भी FD करने पर विचार कर रहे हैं।

हालांकि NBFC में निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता, क्रेडिट रेटिंग और वित्तीय स्थिति की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

कई स्मॉल फाइनेंस बैंक भी दे रहे हैं अच्छा रिटर्न

भारत में पिछले कुछ वर्षों में स्मॉल फाइनेंस बैंकों की संख्या बढ़ी है और ये बैंक अक्सर पारंपरिक बैंकों की तुलना में अधिक ब्याज दर देते हैं। कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं पर लगभग 7.90 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहे हैं।

इन बैंकों का उद्देश्य छोटे निवेशकों और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को बढ़ावा देना है, इसलिए वे ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बेहतर रिटर्न ऑफर करते हैं। सामान्य ग्राहकों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों को भी इन बैंकों में अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिलता है।

कुछ वित्तीय संस्थानों में 7.75% तक का ब्याज

कई निजी वित्तीय संस्थान और निवेश कंपनियां भी फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाएं चलाती हैं। इन संस्थानों में निवेश करने पर करीब 7.75 प्रतिशत तक का ब्याज मिल सकता है। यह दर सामान्य ग्राहकों और वरिष्ठ नागरिकों दोनों के लिए काफी आकर्षक मानी जाती है।

इन योजनाओं की खास बात यह होती है कि इनमें अलग-अलग अवधि के लिए अलग ब्याज दरें निर्धारित होती हैं। निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से छह महीने से लेकर पांच साल तक की अवधि चुन सकते हैं।

कुछ कंपनियां वरिष्ठ नागरिकों को दे रही हैं अतिरिक्त लाभ

कुछ वित्तीय कंपनियां FD पर सामान्य ग्राहकों को लगभग 7.60 प्रतिशत तक का ब्याज देती हैं। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर बढ़कर करीब 8.10 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

भारत में अधिकांश बैंक और वित्तीय संस्थान सीनियर सिटीज़न को अतिरिक्त ब्याज का लाभ देते हैं। इसका उद्देश्य बुजुर्ग निवेशकों को स्थिर आय का बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना होता है।

बैंक FD में भी मिल रहा अच्छा रिटर्न

कई निजी बैंक भी फिक्स्ड डिपॉजिट पर अच्छी ब्याज दर दे रहे हैं। कुछ बैंकों में सामान्य ग्राहकों को लगभग 7.55 प्रतिशत तक का ब्याज मिल सकता है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर करीब 8.05 प्रतिशत तक पहुंच जाती है।

FD का एक बड़ा फायदा यह है कि इसमें निवेश सुरक्षित माना जाता है और निवेशक को पहले से ही पता होता है कि उसे कितने समय बाद कितना रिटर्न मिलेगा।

बजाज फाइनेंस FD भी निवेशकों के बीच लोकप्रिय

NBFC क्षेत्र की प्रमुख कंपनी बजाज फाइनेंस भी अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं के लिए जानी जाती है। यहां सामान्य निवेशकों को करीब 6.95 प्रतिशत तक का ब्याज मिल सकता है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों को लगभग 7.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर ऑफर की जाती है।

बजाज फाइनेंस की FD योजनाएं इसलिए भी लोकप्रिय हैं क्योंकि इनमें निवेश की प्रक्रिया काफी आसान होती है और कई बार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध रहती है।

FD में निवेश करने से पहले किन बातों का ध्यान रखें

फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करते समय केवल ज्यादा ब्याज दर देखकर निर्णय लेना सही नहीं होता। निवेश करने से पहले संस्थान की विश्वसनीयता और उसकी क्रेडिट रेटिंग जरूर जांचनी चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक और विभिन्न क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां वित्तीय संस्थानों की रेटिंग जारी करती हैं, जिससे निवेशक को सुरक्षा का अंदाजा मिल जाता है।

इसके अलावा FD की अवधि, समय से पहले पैसा निकालने की शर्तें और टैक्स नियमों को भी समझना जरूरी होता है। कई FD योजनाओं में समय से पहले पैसा निकालने पर पेनल्टी लग सकती है, इसलिए निवेश से पहले सभी नियम पढ़ लेना बेहतर होता है।

टैक्स के लिहाज से भी FD पर मिलने वाला ब्याज आपकी आय में जुड़ता है और उस पर आयकर नियम लागू होते हैं। इसलिए निवेश की योजना बनाते समय टैक्स प्लानिंग भी जरूरी होती है।