परिषदीय विद्यालय वार्षिक परीक्षा 2026: 16 मार्च से शुरू होंगी परीक्षाएं, शिक्षा विभाग ने जारी की तैयारी

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने घोषणा की है कि जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू कराई जाएंगी। इस निर्णय के बाद स्कूलों में परीक्षा से संबंधित तैयारियां तेज कर दी गई हैं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

होली के बाद परीक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू होगी। विभाग का उद्देश्य यह है कि परीक्षाएं समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हों ताकि विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर का सही मूल्यांकन किया जा सके।

परिषदीय विद्यालय वार्षिक परीक्षा 2026: 16 मार्च से शुरू होंगी परीक्षाएं, शिक्षा विभाग ने जारी की तैयारी

जिले के हजारों विद्यालयों में होंगे परीक्षा आयोजन

जिले में संचालित परिषदीय विद्यालयों की संख्या 1400 से अधिक बताई जा रही है। इन विद्यालयों में लगभग चार लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। यही विद्यार्थी मार्च में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं में शामिल होंगे।

बेसिक शिक्षा विभाग ने परीक्षा को लेकर लगभग सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा की तिथि तय होने के बाद विद्यालयों में भी पढ़ाई का अंतिम चरण चल रहा है और शिक्षक विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए तैयार करने में जुटे हुए हैं।

शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा को व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए विद्यालय स्तर से लेकर जिला स्तर तक निगरानी रखी जाएगी।

बोर्ड परीक्षाओं की वजह से रुकी थी समय-सारिणी

दरअसल इस बार वार्षिक परीक्षा की समय-सारिणी जारी होने में कुछ देरी हुई थी। इसकी मुख्य वजह यह थी कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं में परिषदीय विद्यालयों के लगभग 50 प्रतिशत शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी।

जब तक बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था स्थिर नहीं हो गई, तब तक वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम तय करना संभव नहीं था। अब जब बोर्ड परीक्षाओं की प्रक्रिया व्यवस्थित हो चुकी है, तब बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों के लिए वार्षिक परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है।

इसके साथ ही सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में परीक्षा की तैयारी की नियमित निगरानी करें।

परीक्षा संचालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश

बेसिक शिक्षा विभाग ने परीक्षा को पारदर्शी और अनुशासित तरीके से आयोजित कराने पर विशेष जोर दिया है। इसके लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विद्यालयों को यह भी कहा गया है कि परीक्षा के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। इसमें परीक्षा कक्ष की व्यवस्था, प्रश्न पत्र वितरण और उत्तर पुस्तिकाओं का सुरक्षित रख-रखाव शामिल है।

अधिकारियों का मानना है कि सही तरीके से आयोजित परीक्षा विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति गंभीरता बढ़ाने में मदद करती है।

विषयवार शिक्षक तैयार करेंगे प्रश्न पत्र

वार्षिक परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी संबंधित विषयों के शिक्षकों को दी गई है। शिक्षक अपने विषय के पाठ्यक्रम के आधार पर प्रश्न पत्र तैयार करेंगे ताकि विद्यार्थियों की वास्तविक समझ और ज्ञान का मूल्यांकन किया जा सके।

यह व्यवस्था इसलिए भी की गई है ताकि प्रश्न पत्र पाठ्यक्रम के अनुरूप हों और विद्यार्थियों को पढ़ाई के आधार पर ही परीक्षा देनी पड़े।

शिक्षा विभाग का कहना है कि इस प्रक्रिया से परीक्षा प्रणाली और अधिक प्रभावी बनेगी।

निजी विद्यालयों की तर्ज पर होगी परीक्षा

इस बार परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाओं को निजी स्कूलों की तर्ज पर आयोजित कराने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में परीक्षा के प्रति गंभीरता बढ़ाना और उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक माहौल से परिचित कराना है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया व्यवस्थित और अनुशासित होगी तो विद्यार्थियों की पढ़ाई की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।

इसके साथ ही विद्यालयों को यह भी निर्देश दिया गया है कि परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखें और विद्यार्थियों को शांतिपूर्ण वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिले।

शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को दिए निर्देश

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह के अनुसार, वार्षिक परीक्षाओं को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे परीक्षा के दौरान विद्यालयों का निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रहे।

उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी निर्धारित समय के भीतर पूरा कराया जाएगा ताकि विद्यार्थियों का परिणाम समय पर घोषित किया जा सके।

विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए जरूरी जानकारी

वार्षिक परीक्षाएं विद्यार्थियों के शैक्षणिक मूल्यांकन का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। इसलिए विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा से पहले अपने पाठ्यक्रम का अच्छी तरह पुनरावृत्ति करें और विद्यालय द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

अभिभावकों को भी चाहिए कि वे बच्चों को पढ़ाई के लिए उचित वातावरण उपलब्ध कराएं और परीक्षा के दौरान उनका मनोबल बढ़ाएं।