Holi Holiday में भी शिक्षकों की ड्यूटी जारी, यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश में होली का त्योहार नजदीक आते ही जहां आम लोगों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, वहीं माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े शिक्षकों और अधिकारियों के लिए ड्यूटी जारी रहेगी। प्रदेश में चल रही यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।

सरकार की ओर से एक से चार मार्च तक होली के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, लेकिन परीक्षा से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्रों की सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता की संभावना को समाप्त किया जा सके।

Holi Holiday में भी शिक्षकों की ड्यूटी जारी, यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर सख्त निर्देश

यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान स्ट्रांग रूम की होगी 24 घंटे निगरानी

माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं प्रदेशभर में आयोजित की जा रही हैं और ये परीक्षाएं 13 मार्च तक चलेंगी। इसी कारण परीक्षा केंद्रों पर रखे गए प्रश्न पत्रों की सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम की चौबीस घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। यहां सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाएगी और सुरक्षा से संबंधित सभी नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

यदि किसी भी केंद्र पर सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक सामने आती है तो इसकी तुरंत सूचना मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक और परिषद मुख्यालय को देना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

अवकाश के दौरान मुख्यालय छोड़ने पर रहेगी रोक

परीक्षा कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अवकाश अवधि के दौरान बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकते।

यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को किसी कारणवश मुख्यालय से बाहर जाना आवश्यक हो तो इसके लिए मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की स्थिति में इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

परीक्षा केंद्रों पर गोपनीयता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान

परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्न पत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

परीक्षा केंद्रों पर स्थापित स्ट्रांग रूम की नियमित रूप से जांच की जाएगी और वहां तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी नियंत्रण प्रणाली की भी जांच की जाएगी।

आकस्मिक निरीक्षण के दौरान यदि कोई कमी पाई जाती है तो केंद्र व्यवस्थापक और जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित हो।

आपात स्थिति के लिए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश

परीक्षा अवधि के दौरान सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मोबाइल फोन सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यदि किसी अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाता है तो इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा। प्रशासन का मानना है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य के दौरान हर अधिकारी की उपलब्धता आवश्यक है, ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।

जिला स्तर पर कंट्रोल रूम की भी व्यवस्था

बोर्ड परीक्षाओं की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं। आजमगढ़ जिले में पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।

इस कंट्रोल रूम में शिक्षकों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। एक से पांच मार्च तक दो पालियों में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी सूचना या समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

निष्पक्ष और शांतिपूर्ण परीक्षा कराना प्रशासन की प्राथमिकता

प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हों।

इसी कारण परीक्षा से जुड़ी हर प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और कर्मचारियों की जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

छात्रों और अभिभावकों के लिए भी यह महत्वपूर्ण है कि वे परीक्षा से संबंधित सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।