उत्तर प्रदेश में होने वाली पुलिस भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्र, संभावित प्रश्न, या परीक्षा की तैयारी से जुड़ी सामग्री को सोशल मीडिया, यूट्यूब या किसी अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करना कानूनन अपराध माना जाएगा। यदि कोई व्यक्ति या कंटेंट क्रिएटर ऐसा करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भर्ती बोर्ड का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि कई लोग परीक्षा से जुड़ी जानकारी या प्रश्नों का विश्लेषण सोशल मीडिया पर साझा करते हैं, जिससे परीक्षा की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है।

यूट्यूबर और कंटेंट क्रिएटरों को विशेष चेतावनी
भर्ती बोर्ड ने खासतौर पर यूट्यूबर, ब्लॉगर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को चेतावनी दी है। बोर्ड का कहना है कि अगर कोई भी व्यक्ति परीक्षा के प्रश्नों, उनके समाधान या परीक्षा सामग्री का किसी भी रूप में प्रसारण करता है तो उसे सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत दंडित किया जा सकता है।
यह कानून परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए बनाया गया है। इसके तहत अगर कोई व्यक्ति परीक्षा से जुड़ी सामग्री को प्रकाशित, साझा, प्रसारित या संग्रहीत करता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
कब होगी यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा
भर्ती बोर्ड के अनुसार उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों के लिए होने वाली लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा प्रदेश के विभिन्न जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी।
परीक्षा के लिए प्रदेश के लगभग 75 जिलों में केंद्र बनाए गए हैं। अभ्यर्थी अपनी परीक्षा का शहर और केंद्र की जानकारी भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। बोर्ड ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा से संबंधित सभी अपडेट केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें।
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने पर जोर
भर्ती बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखना सभी अभ्यर्थियों की जिम्मेदारी है। यदि कोई अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र या उससे जुड़ी जानकारी बाहर साझा करता है तो यह गंभीर अपराध माना जाएगा।
इसके अलावा परीक्षा केंद्र के अंदर दी गई रफ शीट या अन्य सामग्री को बाहर ले जाना भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। यदि कोई अभ्यर्थी ऐसा करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है और उसे परीक्षा से अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाई गई
भर्ती बोर्ड ने बताया है कि परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की लगातार निगरानी की जाएगी। इसके लिए एक विशेष टीम बनाई गई है जो इंटरनेट और सोशल मीडिया पर साझा की जाने वाली सामग्री पर नजर रखेगी।
अगर किसी प्लेटफॉर्म पर परीक्षा से जुड़ी प्रतिबंधित सामग्री मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इससे परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए रखने में मदद मिलेगी।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह
भर्ती बोर्ड ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों या अनधिकृत जानकारी पर भरोसा न करें। परीक्षा से जुड़ी हर जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें। साथ ही परीक्षा के नियमों का पूरी तरह पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।
उम्मीदवारों को यह भी सलाह दी गई है कि वे परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दें और किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल होने से बचें। ऐसा करने से न केवल उनकी परीक्षा प्रभावित हो सकती है बल्कि कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
