उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के लिए यह एक गर्व का क्षण है। जिले के होनहार छात्र अभिजीत नंदन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 294 प्राप्त कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए चयनित होकर अपने परिवार, स्कूल और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
अभिजीत नंदन की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में खुशी का माहौल है बल्कि उनके विद्यालय और पूरे इलाके में भी जश्न का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने उन्हें माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

बाराबंकी के लिए गौरव की बात
अभिजीत नंदन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राम सेवक यादव स्कूल से पूरी की थी। यही वह स्कूल है जहां उनके पिता जगन्नाथ यादव प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं।
एक शिक्षक परिवार से आने वाले अभिजीत के लिए पढ़ाई और अनुशासन बचपन से ही जीवन का हिस्सा रहे। यही कारण रहा कि उन्होंने लगातार मेहनत और लगन के दम पर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली UPSC सिविल सेवा परीक्षा को सफलतापूर्वक पास किया।
UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त करना लाखों युवाओं का सपना होता है। हर साल देशभर से लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन बहुत कम उम्मीदवार अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। ऐसे में अभिजीत का 294वीं रैंक हासिल करना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
परिवार और शिक्षकों का मिला पूरा सहयोग
अभिजीत नंदन की सफलता के पीछे उनके परिवार और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पिता जगन्नाथ यादव स्वयं एक प्रधानाचार्य हैं, इसलिए शिक्षा के महत्व को वह भली-भांति समझते हैं।
घर का वातावरण हमेशा पढ़ाई और सकारात्मक सोच से भरा रहा, जिससे अभिजीत को अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलती रही।
अभिजीत की सफलता की खबर मिलते ही उनके स्कूल के शिक्षक और छात्र भी काफी उत्साहित नजर आए। स्कूल में उनका सम्मान किया गया और छात्रों को भी उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा कितनी कठिन होती है
संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा के माध्यम से देश की प्रमुख सेवाओं जैसे IAS, IPS और IFS के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है।
यह परीक्षा तीन चरणों में आयोजित होती है। पहले चरण में प्रारंभिक परीक्षा होती है, जिसे प्रीलिम्स कहा जाता है। इसके बाद मुख्य परीक्षा यानी मेन्स आयोजित होती है और अंतिम चरण में साक्षात्कार लिया जाता है।
इन तीनों चरणों को पार करने के बाद ही उम्मीदवारों का अंतिम चयन होता है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं लेकिन अंतिम सूची में बहुत कम अभ्यर्थियों को जगह मिल पाती है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने अभिजीत नंदन
अभिजीत नंदन की सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं। छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले छात्रों के लिए उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्चे मन से की जाए तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
बाराबंकी के स्थानीय लोगों का कहना है कि अभिजीत की सफलता से जिले के अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रयास करेंगे।
UPSC की आधिकारिक जानकारी कहां से प्राप्त करें
जो छात्र भविष्य में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं, वे UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर परीक्षा से संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
