उत्तर प्रदेश में चल रही बोर्ड परीक्षाओं के बीच शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार जो शिक्षक, प्रधानाचार्य और अधिकारी यूपी बोर्ड परीक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों में लगे हुए हैं, वे होली के अवसर पर भी अपने मुख्यालय को नहीं छोड़ सकेंगे। यह फैसला परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस निर्देश के बाद सभी जिलों में इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही से पूरी परीक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए यह कदम जरूरी समझा गया है।

परीक्षा अवधि में सख्त निगरानी के निर्देश
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि बोर्ड परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने मुख्यालय पर मौजूद रहेंगे। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को किसी कारणवश मुख्यालय से बाहर जाना पड़े तो इसके लिए मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
यह निर्देश सिर्फ शिक्षकों तक ही सीमित नहीं है। संयुक्त शिक्षा निदेशक और अपर शिक्षा निदेशक स्तर के अधिकारी भी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ पाएंगे। विभाग का मानना है कि परीक्षा के दौरान हर स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
स्ट्रांग रूम और परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी
परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्ट्रांग रूम की निगरानी को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों में स्ट्रांग रूम पर चौबीसों घंटे नजर रखने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की जांच, सुरक्षा व्यवस्था और आकस्मिक निरीक्षण भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
यूपी बोर्ड परीक्षाएं राज्य की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक मानी जाती हैं। हर साल लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखना शिक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।
होली के दौरान भी जारी रहेगी परीक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी
इस वर्ष होली के आसपास परीक्षा कार्यक्रम में कुछ दिनों का अंतर जरूर है, लेकिन विभाग का मानना है कि परीक्षा पूरी तरह समाप्त होने तक सभी जिम्मेदार कर्मचारियों की उपस्थिति आवश्यक है।
परीक्षा केंद्रों पर जमा उत्तर पुस्तिकाएं, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी मानी जा रही है। इसी कारण होली के दौरान भी परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं दी गई है।
शिक्षक संगठनों ने जताया विरोध
शिक्षा विभाग के इस फैसले को लेकर शिक्षक संगठनों ने नाराजगी भी जताई है। कई शिक्षक नेताओं का कहना है कि होली का त्योहार परिवार के साथ मनाने का अवसर होता है और इस बार 1 मार्च से 8 मार्च के बीच परीक्षा का कोई पेपर निर्धारित नहीं है।
उनका तर्क है कि जब इस अवधि में परीक्षा नहीं हो रही है तो शिक्षकों को अपने गृह जनपद जाकर त्योहार मनाने की अनुमति दी जानी चाहिए। शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग से इस आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग भी की है।
हालांकि अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में किसी प्रकार का संशोधित आदेश जारी नहीं किया गया है।
शिक्षा विभाग का क्या कहना है
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह आदेश परीक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जारी किया गया है। कई बार परीक्षा के दौरान अचानक निरीक्षण, सुरक्षा जांच या प्रशासनिक कार्रवाई की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अधिकारियों और शिक्षकों की उपलब्धता बेहद जरूरी होती है।
विभाग का मानना है कि परीक्षा पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही सभी कर्मचारियों को सामान्य अवकाश दिया जाएगा।
आधिकारिक जानकारी कहां देखें
यूपी बोर्ड परीक्षा से जुड़े सभी निर्देश और अपडेट समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाते हैं। शिक्षक, छात्र और अभिभावक नवीनतम जानकारी के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।
