चन्दौली जनपद में आयोजित हो रही यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी एक आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बोर्ड परीक्षा ड्यूटी पर अनुपस्थित रहने वाले कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ बिना किसी पूर्व सूचना के अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश परीक्षा की निष्पक्षता और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है।

क्या है पूरा मामला
जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों के केन्द्र व्यवस्थापकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कई शिक्षक, जिन्हें कक्ष निरीक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है, परीक्षा के दिन समय पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार 20 विद्यार्थियों पर एक कक्ष निरीक्षक तथा एक कक्ष में दो निरीक्षकों की तैनाती अनिवार्य है। इसके बावजूद पर्याप्त संख्या में निरीक्षक न पहुंचने के कारण कई कक्षों में केवल एक ही शिक्षक को ड्यूटी निभानी पड़ रही है।
यह स्थिति परीक्षा संचालन की गुणवत्ता और पारदर्शिता दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है। साइबर सेल के माध्यम से ऑनलाइन मॉनिटरिंग के दौरान शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) ने भी इस पर नाराजगी जताई है और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
आदेश में क्या कहा गया है
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, चन्दौली द्वारा जारी आदेश में सभी नियुक्त कक्ष निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रत्येक परीक्षा दिवस पर अनिवार्य रूप से संबंधित केंद्र पर उपस्थित हों। यदि किसी केंद्र व्यवस्थापक द्वारा अनुपस्थिति की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसी स्थिति में स्पष्टीकरण या पूर्व नोटिस की बाध्यता नहीं होगी। इसका सीधा अर्थ है कि लापरवाही को गंभीर कदाचार माना जाएगा और जिम्मेदारी स्वयं शिक्षक की होगी।

परीक्षा की निष्पक्षता पर क्यों है प्रशासन का जोर
यूपी बोर्ड परीक्षा देश की सबसे बड़ी बोर्ड परीक्षाओं में से एक है। लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और उनके भविष्य का आधार यही परिणाम बनता है। ऐसे में कक्ष निरीक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि निरीक्षण में ढिलाई बरती जाती है, तो नकल जैसी घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग सकता है।
डिजिटल मॉनिटरिंग और साइबर सेल की सक्रियता इस बात का संकेत है कि शासन स्तर पर भी परीक्षा व्यवस्था को लेकर शून्य सहिष्णुता नीति अपनाई जा रही है। चन्दौली जिले में सख्ती का यह कदम अन्य जिलों के लिए भी संदेश माना जा रहा है।
शिक्षकों के लिए क्या है जिम्मेदारी
कक्ष निरीक्षक के रूप में नियुक्त शिक्षक का दायित्व केवल उपस्थिति दर्ज कराना नहीं है, बल्कि परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखना, प्रश्नपत्र वितरण और उत्तर पुस्तिकाओं का सुरक्षित संग्रहण सुनिश्चित करना भी है। यदि एक कक्ष में निर्धारित दो की जगह केवल एक निरीक्षक मौजूद होता है, तो यह कार्यभार और जोखिम दोनों बढ़ा देता है।
प्रशासन का मानना है कि समय पर उपस्थिति से ही परीक्षा केंद्रों पर समुचित नियंत्रण संभव है। इसलिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे आदेश की प्रति संबंधित शिक्षकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
आधिकारिक आदेश और सत्यापन
यह आदेश 25 फरवरी 2026 को डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी किया गया है। किसी भी प्रकार की शंका या जानकारी के लिए शिक्षक और संबंधित कर्मचारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, चन्दौली से संपर्क कर सकते हैं। आधिकारिक अपडेट के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की वेबसाइट और जिला प्रशासन के सूचना पोर्टल को नियमित रूप से देखना आवश्यक है।
सरकारी आदेशों की पुष्टि केवल अधिकृत स्रोतों से ही करें और किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें।
आगे क्या करें शिक्षक
यदि आपकी बोर्ड परीक्षा ड्यूटी लगी है, तो परीक्षा तिथि और केंद्र की जानकारी पहले से सुनिश्चित कर लें। निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचें और उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर अवश्य करें। किसी अपरिहार्य परिस्थिति में अनुपस्थिति की स्थिति हो तो तत्काल संबंधित अधिकारी को लिखित सूचना दें, ताकि रिकॉर्ड में स्पष्टता बनी रहे।
परीक्षा व्यवस्था में सहयोग देना न केवल प्रशासनिक दायित्व है, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य के प्रति नैतिक जिम्मेदारी भी है।
